सरकारी सिस्टम को ठेंगा दिखा रहे हेडमास्टर, हफ्तों गायब रहने के बावजूद रजिस्टर में दर्ज हो रही हाजिरी
रिपोर्ट : चीफ एडिटर ठा.राघवेन्द्र प्रताप सिंह
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर मिशन कायाकल्प के जरिए सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर शाहजहांपुर के तिलहर तहसील से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विकासखंड जैतीपुर के ग्राम गोगेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। आरोप है कि यहाँ के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेश मानवल अपनी मर्जी के मालिक बने हुए हैं और हफ्तों विद्यालय से नदारद रहते हैं।
शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पत्रकारों ने 4 फरवरी को एबीएसए (ABSA) जैतीपुर से संपर्क किया था, तो उन्होंने मामले पर संज्ञान लेने की बात कही थी। लेकिन हफ़्तों बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं दिखी। इससे स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी रोष है। लोगों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक को कुछ उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
प्रमुख बिंदु जो व्यवस्था पर उठाते हैं सवाल:
मिड-डे मील (MDM): स्कूल में भोजन मीनू के अनुसार नहीं बनाया जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही: शिकायत के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा ठोस कदम न उठाना।
निरंकुशता: प्रधानाध्यापक द्वारा फोन रिसीव न करना और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना।
अब देखना यह होगा कि शाहजहांपुर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इस 'दबंग' शिक्षक के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई करते हैं, या फिर गोगेपुर के इन नौनिहालों का भविष्य ऐसे ही अंधकार में बना रहेगा।


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